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ToggleDigital Marketing एक Modern age Marketing तकनीक है।
Digital Marketing एक ब्यापक खेत्र है जहाँ Marketing की कई सारे Tools, Techniques और Strategies की इस्तेमाल किया जाता है।
Digital Marketing बिज़नेस को अपने Targeted Customer तक पहुँचने की रास्ता आसान कर देता है।
दूसरी और Traditional Marketing में यह सारे सुबिधा नहीं मिलता है।
नमस्ते दोस्तों,
मेरा नाम संजीब मोहंती है।
में एक Digital Marketing मेंटर और MSI कोच हूँ, में लोगों को Digital Marketing सिखाता हूँ, और इसको अपने जिन्दंगी में इस्तेमाल करके कैसे एक से ज्यादा इनकम की स्रोत बनाये सिखाता हूँ ।
चलिए Digital Marketing और Traditional Marketing में क्या अंतर है जान ने के लिए, हमे दोनों के बारे में पहले जानना पड़ेगा |
Traditional यानि की (पारंपरिक) marketing क्या है ?
जब कोई भी उत्पाद और सेवा लोग तैयार करते हैं तो सब से पहले मन में सोच ते हैं कि इसको Sale कैसे किया जाये।
यहीं से शुरू होता है मार्केटिंग का आइडिया।
कई सदिओं से जब यातायत का कोई सुबिधा नहीं था तब एक ब्यक्ति अपने उत्पाद या सामान को अपने गांव के आश पास बेच दिया करते थे ।
फ़िर धीरे धीरे समय के अनुसर यातायत की सुबिधा होने लगा। तब आदमी के मन में अपने Products को थोड़ा और दूर जाके Marketing करके बेच ने का Idea आया ।
यहीं से Traditional Marketing की सुरवात हुई।
समय के अनुसार एक से ज्यादा लोग एक ही उत्पाद और सेवाएं देने लगें, तब बाजार में Competition की सुरवात हुई।
फिर लोग सोच ने लगे की कैसे कम खर्च और कम समय में अपने प्रोडक्ट्स को बाजार में Sale किया जाये ।
यहाँ से Traditional Marketing की Strategies की शुरवात हुई और लोगों ने निचे दिए गए मध्यम की इस्तेमाल करने लगे।
Print Advertising : News Papers, Magazines, flyers, brochures, etc.
समय के साथ-साथ Print Media आने लगा और लोग अपने Product’s के बारे में News Paper में अपना विज्ञापन देने लगे।
फिर अपने Product’s के बारे में Magazines, Flyers, brochures आदि भी प्रिंट करने लगे।
कुल मिलाकर एक ही लक्षय था कि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक तक पहुंचा जा सके और अपनी Sales को बढ़ाया जा सके।
Television and Radio Advertising:
समय के साथ साथ Radio और Television का आविष्कार हुआ।
लॉग अपने Products’ के बारे में Radio में Audio विज्ञापन किये, जो गाने के बाद या नाटक के बाद सुनाई देता था।
फिर Television की जमानाआया और Television me में Video विज्ञापन आने लगे।
कई Products की विज्ञापन पहले आता था और कई Products की विज्ञापन भी TV Serial के अंतर में break time में आता था
आज भी भारत में Television एक सबसे लोकप्रिय विज्ञापन माध्यम है।
रिसर्च कहता है Television Advertising लगभाग 90% जनसंख्या को Touch करता है।
Outdoor Advertising : Billboard, Bus Advertising, etc.
समय की अनुसार कई Products की विज्ञापन बड़े-बड़े सहर में अच्छे अच्छे बाजार में, जहां ज्यादा crowd होता है उसी Area में Billboards लगा के विज्ञापन किया जाता था।
कई Companies अपने उत्पादों के बारे में बस में Painting करके विज्ञापन देने लगे।
इसका एक मात्र लख्य, लोगों की नजर में अपने प्रोडक्ट आसान से पहुँच सके।
Direct mail: Catalogs, letters, postcards, etc.
कई Companies अपने Products के Catalogs बनाके Retails shop me देते हैं ताकि ग्राहक को Color और Design, आसानी से पसंद आए ।
खास करके Paint और कपडे की Companies यह Techniques की ज्यादा इस्तेमाल करते हैं ।
इसका एक benefit ग्राहक को आसान होता है choice करने में , और एक benefit ग्राहक की पसंद क्या है पता चल जाता था।
ग्राहक की Choice के बारे में अधिक जानकारी के लिए ग्राहकों को letters, postcards भी भेजा जाता था। इसमें Customers से reply मिलने से थोड़ा टाइम लगता था।
Public relations: Press releases, events, sponsorships, etc.
कुछ Companies अपने नए Product Launch करने के समय Press Media में अपने Products के बारे में लोगों को बताया करते हैं। ।
कई Companies, Sports, Dance Competition जैसे बड़े events में अपना Product की Launch करते हैं।
Hoardings भी लगते हैं और कई Companies मिलके भी Sports या बड़े Events को Sponsor भी करती हैं।
खिलाड़िओं की T-Shirt या Jersey में Company की Product या कंपनी का लोगो प्रिंट करते हैं।
Sports के दौरन Interview भी लेते हैं और Products के बारे में लोगों को बताते हैं।
आजकल सरकार भी बड़े-बड़े मेला लगाके जैसे Food Festivals, Automobile Mela, Industrial Items Mela, Handicraft Festivals, करके Entrepreneurs को promote करती है।
मेला में Company अपने Products को प्रदर्शित करते हैं और Products की features के बारे में लोगों को बताते हैं।
Products को और बेहतर करने के लिए लोगों का feedback लेते हैं।
Point-of-purchase displays: In-store signs, displays, etc.
कई Companies, Retail shop या बड़े बड़े Shopping Mall में Signboard भी लगते हैं और अपने Products का विज्ञापन करते हैं ।
आजकल कई Companies बड़े Electronic Display में भो अपना Products की display करती है।
खास करके सहर की Crowdy Area में अपना display , Neon sign board आदि लगते हैं।
Word-of-mouth marketing: Referrals, testimonials, etc.
कई Company अच्छे लीडर को अपने product के बारे में लोगों को बताने के लिए कहते हैं , Referrals देने के लिए भी कहते हैं।
कई Company अपने Product के बारे में Filmy Superstar, Sports Star को अच्छे प्रशंसापत्र देने के लिए कहते हैं।
खास करके Industrial Materials , Machineries Spare Parts के बारे में कुछ लोग दूसरों का Referrals लेते हैं।
Some Popular Medium of Traditional Marketing:
भारत में Traditional Marketing, Customer तक पहुंचने के लिए एक लोकप्रिय तरीका है।
नीचे हम कुछ अधिक लोकप्रिय माध्यम देते हैं जैसे की:
1. Television Advertising: Television विज्ञापन लगभाग 90% आबादी को cover करता है।
2. Print Advertising: Newspaper and Magazines भी भारत में लोकप्रिय विज्ञापन चैनल हैं।
3. Outdoor Advertising: शहरी क्षेत्रों में Billboards और bus में विज्ञापन साधारण हैं।
4. Public Relations: जनसंपर्क उत्पादों के बारे में Brand Create करने में मदद करता है, जैसे की Amul, Britannia Biscuit, आदि।
जनसंपर्क लोगों के मन मे Product के बारे में एक Positive feelings पैदा करते हैं।
5. Telemarketing: इसमें Product के बारे में जान ने के लिए Targeted Customers को फोन पर कॉल करना शामिल है।
6. Network Marketing: ग्राहकों का एक कम्युनिटी करके उनके बिच में अपने Product और services को regular बेचने का एक नया तकनीक है
Traditional Marketing के कुछ फायदे और नुकसान भी हैं:
Traditional Marketing के कुछ फ़ायदा और नुकसान भी होता है, जीसे हम निचे जानते हैं
Pros यानि की फ़ायदा:
- Traditional Marketing की मदद से एक देश के बड़े Customers Community तक आपहुंचा जा सकता है।
- Traditional Marketing, Brand Building में मदद करसकता है और लोगों में जन जागृति में भी मदद करता है।
- Traditional Marketing में ग्राहक को पहचानना आसान है और बिक्री भी बहुत आसान है।
- Traditional Marketing को इस्तेमाल करना आसान होता है।
Cons यानि कि नुकसान:
- Traditional Marketing एक सीमित भौगोलिक क्षेत्र में सीमित होती है।
- Traditional Marketing एक लम्बा समय लेनेवाला प्रक्रिया है।
- Traditional Marketing महँगी भी होती है।
- Traditional Marketing एक अनिश्चित दिशा में काम करता है, उदाहरण के लिए अगर आप किसी को एक postcard भेजते हैं तो हो सकता है ओह reply करेगा याह नहीं, वह उसके ऊपर निर्भर करता है।
- Traditional Marketing के परिणाम को measure karna कठिन होता है।
- Digital Marketing की तुलना में Traditional Marketing से कम लोगों के पास पहुंचा जा सकता है।
Conclusion
Traditional Marketing भारत में हर size के business के लिए एक मूल्यवान अस्त्र है।
Traditional Marketing को उपयोग करने के लिए हमें ये सुनिश्चित करना चाहिए के हमारे Targeted Customers कोन है।
हमें कोनसा Channel का उपयोग करके अपने Targeted Customer तक पहुंचना चाहिए ।
फिर भी Traditional Marketing सदियों से एक Popular Strategies है कस्टमर तक पहुंचेंने के लिए।
Traditional Marketing, Brand Building, Lead Generate और Sales में conversion करने में मदद करता है।
Traditional Marketing को इस्तमाल करने में ज्यादा समय और पैसा खर्च करना पड़ता है।
Digital Marketing क्या है ?
Simple और आसान शब्द में, मार्केटिंग की क्षेत्र में Digital Tools जैसे की Mobile, Internet, Laptop, Software, Voice message app, Video display, Website display, Social Media और Search Engine Media की इस्तमाल करके customer से संपर्क करने को Digital Marketing कहा जाता है।
Digital Marketing एक बड़ा क्षेत्र है और इसमें सही ग्राहक को लक्ष्य बनाने के लिए सभी उपकरण (tools) , Techniques, (Strategies) रणनीतियाँ शामिल हैं।
एक अच्छे Digital Marketing की रणनीति बिजनेस के Goal, Targeted Customer और Budget पर निर्भर करता है।
चलिए Digital Marketing Ki की कुछ रणनीतियों (Strategies) के बारे में जानते है।में १० अंतर पता है ?
Content Marketing:
Digital Marketing की दुनिया का सबसे बड़ा सिक्का कंटेंट होता है।
Digital Marketing की दुनिया में जैसे की Text, Image (छवि) और Videos ग्राहकों को आकर्षित करती है और लम्बे समय तक व्यवसाय के साथ जुड़कर रहने में मदत करता है ।
Video Marketing:
Digital Marketing की एक मुख्य उपकरण है वीडियो मार्केटिंग, जो ग्राहक को कम समय में Product या Service के बारे में अधिक जानकारी देता है।
Products or Services की Video बनाके उसके बारे में लोगों को समझना आज कल आम हो गया है।
Display Advertising:
Email Marketing:
आज ग्राहक को किसी Products or Service की बारे में जानकारी आसानी से मिल जाता है, किउंकि कोई भी Website visit करते वक़्त कई और Products या Services के बारे में साइड में डिस्प्ले होता है।
कभी कभी ग्राहक को एक Product ढूंढते वक़्त कई और प्रोडक्ट के बारे में भी पता चल जाता है।
ग्राहक को Email की माध्यम से अपने Product या services के बारे में जानकारी दी जा सकती है।
ग्राहक का feedback भी लिया जाता है ताकि Products को Customization किया जा सके।
Color और Design के बारे में भी जानकारी लिया जाता है ताकि प्रोडक्ट को और बेहतर बनाया जा सके।
कुल मिलाकर कहे तो ईमेल मार्केटिंग में ग्राहक और निर्माता के बीच में communication की एक तार जुड़ जाता है जो की लम्बी समय तक रहता है।
Mobile Marketing:
ग्राहक को Mobile के माध्यम से भी अपने Product or Service के बारे में जानकारी दी जा सकती है।
ग्राहक को कॉल करके सीधा संपर्क करने से ग्राहक की पसंद के बारे में पता चलता है।
Voice Message:
Voice Message या SMS की जरिये से Product or Service के बारे में भी ग्राहक की प्रतिक्रिया ली जा सकता है।
समय के अनुसार Product के सेल्स ऑफर भी दिया जाता है।
Search Engine Marketing (SEM):
SEM यानी Search Engine Marketing, Digital Marketing की एक प्रमुख रणनीति है।
SEM के बारे में जानने से पहले हमे SEO यानिकि Search Engine Optimization के बारे जानना आबस्यक है ।
अपने Website की Contents को कैसे Optimization करके उसमे Keywords के अनुसार “Google” जैसे सर्च इंजन में अच्छा rank लाने की प्रक्रिया को SEO कहा जाता है ।
आसान सब्दो में कहे तो कोई अगर कोई कुछ ‘keyword’ search करता है तो,अगर ओह्ह Keyword आप की Website की related है तोह आप को अपने वेबसाइट पर अपने content में इतना सुन्दर सजाबट करना है की गूगल की सर्च इंजन में पहले पेज में आप का वेबसाइट का नाम आना चाहिए।
SEO का एकमात्र लख्य है की Traffic यानि visitor को अपने वेबसाइट पर बिना पैसा खर्चा करके आकर्षित करना है। इसी प्रक्रिया में आने वाले ट्रैफिक को Organic Traffic यानि Unpaid Traffic कहते हैं।
अगर आप Google को पैसा देके अपने Website पर ट्रैफिक लाना चाहते हैं तो Google अपने सर्च इंजन या YouTube की माध्यम से आप के Product or Services के बारे में लोगों को advertise दिखता है और आप के वेबसाइट पर Traffic लता है और इसी प्रर्किया को Search Engine Marketing कहा जाता है।
इसी प्रक्रिया में आने वाले ट्रैफिक को Inorganic Traffic यानि की Paid Traffic कहते हैं।
Social Media Marketing (SSM):
SEM की तराह SSM यानि की Social Media Marketing भी डिजिटल मार्केटिंग का एक प्रमुख रणनीति में गिना जाता है।
SSM के बारे में भी जान ने से पहले हमे SMO यानि की Social Media Optimization के बारे में भी जानना आबस्यक है।
आज कल सोशल मीडिया का बहुत क्रेज है जैसे की Facebook, Instagram, Twitter, LinkedIn आदि .
इसलिए हर कोई अपने Business को Social Media Platform पर ले जाना चाहता है।
अपने Product or Service के बारे में Image , Text Description or Video Content पोस्ट करते हैं।
Product or Service के features के बारे detail में लोगों को जानकारी देते हैं। लोगों से feedback या कमेंट लेते हैं।
Digital Marketing की दुनिया में Social Media Optimization एक बड़ा Role Play करता है।
इसमें भी दो तैराकी Traffic Generate होते हैं, एक Organic और दूसरा Inorganic Traffic ।
जब हम Product और Service के बारे में कुछ Contents देते हैं तो उसके बारे अधिक जान ने के लिए लोग हमारे Website के ऊपर Visit करते है।
बिना पैसा खर्च करके जो लोग खुद पे खुद कंपनी के website पर आते हैं उनको Organic Traffic कहा जाता है।
ठीक Google की तरह Face Book, Twitter अदि Social Media Platform भी Product और Services को प्रमोट करने के लिए advertising करते है।
जब Company अपने Product और Services के बारे में Social Media platform पर advertising देते हैं तो उस प्रक्रिया को Social Media Marketing कहते हैं ।
Pay- Per- Click (PPC) advertising:
कई Company जल्द से जल्द अधिक Customer तक पहुंचना चाहते है।
Digital Marketing की खेत्र में तब Search Engine Marketing or Social Media Marketing की इस्तेमाल करना एक बेहतरीन रणनीति होता है।
जब कोई Company “Google or YouTube” को उनके Products or Services के बारे में advertise करने के लिए पैसा देते हैं , उसको Search Engine Marketing कहा जाता है।
हम पहले से ही बताये हैं की और कई सरे search engine platform है लेकिन Google और YouTube सबसे ज्यादा इस्तेमाल करनेवाले Search Engine है।
जब कोई कुछ Google और YouTube में search करता है तब Google or YouTube, search करनेवालों को प्रोडक्ट्स के बारे advertise दिखाता है।
Search Engine Marketing की तरह Social Media Marketing भी Digital Marketing में एक बेहतरीन रणनीति है।
Social Media Platform में जब कोई Product ya service की advertise करते हैं ,तब customer की click करने में ही customer को जानकारी मिलजाता है।
Social Media Company अपने Client को हर customer को click करने की basis में ही advertising service fees charge करते हैं . इसको hi Pay Per Click कहा जाता है।
Influencer Marketing:
अलग अलग लोगों से Partnership करके, जिनके पास पहले से ही बहुत followers है यानिकि ओह्ह लोग Market में Reputed Influencer है, अपने Product or Services की प्रमोट करने को Influencer Marketing कहा जाता ह।
इसमें खूब कम समय में ज्यादा से ज्यादा customer को आसानी से Target किया जा सकता है।
Affiliate Marketing:
कई लोग अपने वेबसाइट, वीडियो कंटेंट पर कई सारे Company का प्रोडक्ट की Link देके Indirectly Advertise करते हैं या उनके बारे में डिटेल्स में जानकारी देते है।
इसमें कई Customer Generate होते हैं और कंपनी की Product or Service खरीद ते है।
इसके बदले में Product or Service की Sale करने वाला Company उन Affiliate Marketer’s को कुछ Selling Commission देता है। इसी प्रक्रिया को Affiliate Marketing कहते है।
Digital Marketing के कुछ फायदे और नुकसान भी हैं:
Digital Marketing के कुछ फ़ायदा के साथ कुछ नुकसान भी हैं। निचे हम इसके बारे में चर्चा करते है।
Pros यानि की फ़ायदा:
- Digital Marketing की मदत से Business को अपने Global पहचान मिलता है। किउंकि आज इंटरनेट की मदत से पूरा दुनिया जुड़ा है।
- Digital Marketing की मदत से कंपनी अपने Targeted Customer को आसानी से अपने Product के बारे में विस्तृत जानकारी दे सकता है
- Digital Marketing, Flexible है, इसलिए व्यवसाय की आवश्यकतानुसार अपनी मार्केटिंग रणनीतियों को अपना सकते हैं
- Digital Marketing, Measurable है, इसलिए Business अपने मार्केटिंग Campaign की Result Track कर सकता है और देख सकते हैं कि क्या काम कर रहा है और क्या नहीं।
- Digital Marketing, Cost effective है, क्योंकि व्यवसाय इसमें कम से कम बजट के साथ बड़े Audience तक पहुंच सकते हैं।
- Digital Marketing बहुत आकर्षक हो सकती है, जिसका अर्थ है कि व्यवसाय ऐसी Content बना सकते हैं जो ग्राहकों की रुचि बनाए रखती है और अधिक के लिए वापस आती है। यह विभिन्न चैनलों के माध्यम से किया जा सकता है, जैसे सोशल मीडिया, ईमेल मार्केटिंग और कंटेंट मार्केटिंग
- Digital Marketing व्यवसायों को प्रत्येक व्यक्तिगत ग्राहक को अपने Personal Message करने की अनुमति देती है।
- Digital Marketing व्यवसायों को यह Track करने में मदत करता है की उनके विज्ञापन देखने के बाद कितने लोग परिवर्तित हुए। इस जानकारी का इस्तेमाल करके ब्यबसाय अपने Campaign को और बेहतरीन करसकता है ।
- Digital Marketing व्यवसायों को Targeted Customers के मन में अपने Brand ब्रांड की साथ positive feeling बनाकर Brand awareness पैदा करने में मदद कर सकती है।
- Digital Marketing व्यवसायों को Targeted Customers को उनसे संपर्क करने का तरीका प्रदान करके lead generate करने में मदद कर सकती है।
- Digital Marketing व्यवसायों को उनकी Website या Landing Page पर Traffic लाकर Sales Generate करने में मदद कर सकती है।
Cons यानि कि नुकसान:
- Digital Marketing की दुनिया में बहुत Competition होता है, जिसमें सभी आकार के व्यवसाय Customer ki ध्यान को अपने और आकर्षित करने के लिए अपने बिच में competition करते हैं।
- इस भीड़ से अपने आप को अलग दिखाना और ग्राहकों की ध्यान आकर्षण करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है
- Digital Marketing एक लम्बा समय लेने वाली प्रक्रिया है, कोई भी Campaign को Run करके उसकी Result पाने में और उनका analyze करने तक ।
- Digital Marketing में Customer data का Collection और Utilization शामिल है, जो सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी चिंताओं को बढ़ा सकता है। व्यवसायों को इस डेटा को अनधिकृत पहुंच या दुरुपयोग से बचाने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है
- Digital Marketing, Technology के ऊपर बहुत अधिक निर्भर है, जिसका अर्थ है कि व्यवसाय किसी भी बक्त रुकाबट हो सकता है। इसका Business Campaign पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, खासकर यदि वे Time Sensitive Campaign हों
- Digital Marketing ग्राहकों को व्यवसायों के साथ सीधे जुड़ ने की सुविधा देती है, जिससे complaint और Negative feedback भी हो सकती है। Business को इस Negative Feedback को Professional और Timely Manner से संभालने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।
- Digital Marketing में Fraud और दुरुपयोग के बहुत सम्भाबना है, जैसे की Click Fraud or Fake News.व्यवसायों को इन risks से खुद को बचाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।
- Digital Marketing में Campaign की Result को मापना मुश्किल हो सकता है, खासकर Short term Campaign में। इससे मार्केटिंग निवेश के ROI- Return on Investment को Track करना मुश्किल हो सकता है।
- सभी व्यवसायों के पास Digital Marketing के Expertise नहीं होते हैं जो Campaign को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना जानते हैं। इससे गलतियाँ हो सकती हैं और opportunity miss हो सकते हैं।
- Digital Marketing के खेत्र में लगातार परिबर्तन होता रहता है, जिससे बिज़नेस को अपने Campaign की consistency maintain करना मुश्किल हो जाता है।
- हर कोई online नहीं है. हर किसी के पास इंटरनेट तक पहुंच नहीं है, जिसका अर्थ है कि Digital Marketing सभी Targeted Customer तक पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका नहीं हो सकता है।
इतने सारे नुकसानों के बावजूद, Digital Marketing, Large Audience तक पहुंचने, Brand Awareness पैदा करने और Lead Generate करने और बिक्री उत्पन्न करने का एक बहुत प्रभावी तरीका हो सकता है।
Conclusion:
Digital Marketing एक ब्यापक और growing sector है।
Company अपने Product को Targeted Audience को पहुँचाने के लिए Digital Platform जैसे की Social Media, SEO, Internet, Email, Voice message or Video channel की इस्तेमाल करता है।
Digital Marketing में बहुत सारे tools, techniques और Strategies की इस्तेमाल किया जाता है।
Company के goal, Targeted audience, और Budget की basis में ही Digital Marketing की Strategy बनाया जाता है।
हर Company अपने products or services के हिसाब से अलग अलग Digital Marketing की Strategies अपनाते है।
Digital (डिजिटल) Marketing और Traditional (पारंपरिक) Marketing में क्या अंतर है?
Traditional Marketing और Digital Marketing एक दूसरे से कई सारे खेत्र में भिन्न है जैसे की,
Marketing Channels, Customer reach, Targeted Audience, Cost, और Campaign की Measure सहित विभिन्न की में भिन्न हैं।
यहां दोनों के बीच प्रमुख अंतरों का विवरण दिया गया है:
Channel and Platform:
Traditional Marketing में Product की Marketing के लिए Offline Techniques जैसे की Print Media (Newspapers, Magazines, Broadcast media (TV, radio), Outdoor advertising (billboards, posters), Direct mail, and in-person interactions, etc. उपयोग किए जाता है।
Digital Marketingमें Product की Marketing के लिए Online Techniques Methods जैसे की SEO, Social Media, Website, Email, और Mobile app जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म और चैनलों का उपयोग किए जाता है।
Reach:
आम तौर पर Traditional Marketing की पहुँच अधिकतर Local Area होती है और इसे Limited Geographic Area तक सिमित है।
Digital Marketing, Business को Global पहचान देता है, जिससे व्यवसायों को विभिन्न क्षेत्रों और देशों में दर्शकों को Target करने की मदत करती है।
Targeting and Personalization:
Traditional Marketing में अपने निर्धारित Audience को Target करना मुश्किल होता है , और बिज़नेस अपना इच्छित दर्शकों तक सठिक रूप से नहीं पहुंच पाता है।
Digital Marketing में अपने निर्धारित audience को Target करने केलिए बहुत सारे टेक्निक्स उपलब्ध है, जैसे audience की demographics, interests, online behavior, और geographic location की मदत से Targeted Audience को personalized Message भेजा जा सकता है।
Cost:
Traditional Marketing में कोई Campaign Run करने के लिए Printing, Distributing और Tele calling की ज्यादा जरुरत होता है, जिस से Campaign ज्यादा महंगा होता हे।
Digital Marketing अधिक Cost effective हो सकता है, क्योंकि Online Advertisement अक्सर अधिक Flexible Budget होता हे।
Interactivity
Traditional Marketing, Targeted Audience पर कम प्रभाबी होता हे, क्योंकि अधिकांश traditional Technique की एक तरफ़ा Communication होता हे (उदाहरण के लिए, TV Ads, Billboard।
जब की Digital Marketing की खेत्र में Social Media की इस्तेमाल की समय Comments, Like, Share और real time संदेश के माध्यम से दो-तरफा communication, और तत्काल बातचीत के अवसर प्रदान करता है।
Measurement and Analytics:
Traditional Marketing में अक्सर Campaign की परिणाम को सठिक माप करने की क्षमताओं का अभाव होता है, जिससे ROI – Return on Investment को सठिक रूप से Track करना challenging हो जाता है।
ओहिन दूसरी और Digital Marketing में Campaign की परिणाम को detail analysis और Tracking करने की तकनीक प्रदान करता है ।
Flexibility and Adaptability:
Traditional Marketing की Campaign शुरू होने के बाद उसमे बदलाव करना कम suitable होता हे और धीमा भी हो सकता है।
ओहिन दूसरी और Digital Marketing समय के हिसाब से Campaign में परिबर्तन करने की अनुमति देता है।
Duration of Campaigns:
आमतौर पर उत्पादन और वितरण समयसीमा के कारण, Traditional Marketing में Campaign रन करने में लम्बा समय लगता है।
ओहिन दूसरी और Digital Marketing, कम समयसीमा में Short-term और अधिक समयसीमा में Long-term Campaign Run करने में flexibility प्रदान करता है।
Environmental Impact:
Traditional Marketing में अक्सर Paint, Paper जैसी Physical Materials का उपयोग शामिल होता है, जो पर्यावरणीय प्रभाव में योगदान देता है।
आम तौर पर Digital Marketing का पर्यावरणीय प्रभाव कम होता है, क्योंकि यह Digital Platform की इस्तेमाल करता हे और Printing Materials की आवश्यकता को कम करता है।
Engagement and Interaction:
Traditional Marketing अपने Targeted Audience के साथ सीधे जुड़ाव और बातचीत के सीमित अवसर प्रदान करता है।
ओहिन दूसरी और Digital Marketing,अपने Targeted Audience को like, comments, share, reviews जैसे माध्यम से उच्च स्तर सुविधा प्रदान करता है।
Digital Marketing और Traditional Marketing दोनों की अपनी खूबियाँ हैं और Targeted Customer, goal और Budget के आधार पर दोनों प्रभावी हो सकती हैं।
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अब यदि आपको ये सभी Practically सीखने हैं और जानना है कि हम कैसे Digital Marketing आसान भासा हिंदी और ओड़िआ में सिखाते हैं, तो जुड़िये हमारी Digital Shakti Community के साथ।
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